खामखा।

फ़क़त दिल में उठा था दर्द उनके छोड़ जाने से दवा देकर मुसलसल खामखा बीमार कर डाला।

Kya hai jivan?

क्या है जीवन? एक तमाशा। गली, मोहल्ला। बेजान सड़क है। कुछ लोग है ज़िंदा। कुछ ज़िंदा लाशें। और कौन कहेगा,सपने तेरे? तू ही है बस। उस पर… Read more “Kya hai jivan?”

Evening Post 24

शब-ओ-रोज़ अपनी ज़िन्दगी को कोसने वालों मोहब्बत इक दफ़ा क्यों मौत से भी कर नहीं लेते।