Evening Post 24

शब-ओ-रोज़ अपनी ज़िन्दगी को कोसने वालों मोहब्बत इक दफ़ा क्यों मौत से भी कर नहीं लेते।

Ishq ko!

इश्क़ को मज़हब कहाँ मालूम था यारों कौनसा मज़हब ने कभी इश्क़ किया था।