Evening post

​Repost-

इजाज़त हो अगर जो आपकी ऐ हमसफ़र मेरे

चलो फिर आज कोई प्यार वाली बात हो जाए

मुलाकातें तो वैसे भी मुक़म्मल हो नहीं पाती

तो क्यों न देखते ही देखते फिर रात हो जाए।

सजे शब्दों की महफ़िल और तसव्वुर में हो तू मेरी

लिखूँ मैं शायरी और तू कोई जज़्बात हो जाए

छलकते जाम पर इलज़ाम का किस्सा पुराना है

अगर तू हाँ कहे तो एक नई शुरुवात हो जाए।

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